मंगलवार, 24 फ़रवरी 2009

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2009

ग़लत रास्ते पर पाकिस्तान








पकिस्तानका माहोल पैदा हो जन पकिस्तान की हरकतों से पुरी तोर पर मेल खाता हैं की मुमबई हमले से सम्बंधित वे पांचो संधिग्थ


आंतकवादी कहा हैं जिनके बारे मैं चंद दिनों पहले गृहमंत्री रहमान मालिक ने कह अता की उन्हें हिरासत मैं ले लिया गया हैं इनमें कुख्यात हो चुके जकीरुर रहमान लाख्वी और जरार शाह भी शामिल बताये जा रहे हैं भूमि गत हो जन पाकिस्तान की सोची -समझी चाल भी हो सकती हैं


विडंबना यह हैं की पकिस्तान की इश चालबाजी को सही तरह समझने से इनकार किया जा रहा हैं येही कारन हैं की जा पकिस्तान ने मज़बूरी मैं यह मन की मुमबई हमले मैं उसकी जमील का इस्तेमाल हुआ हैं तो देश -दुनिया मैं बहुत से लोगो ने उसकी सही रस्ते पर आगया तो फ़िर उसके जिम्मेदार लोगो की ओर से इसे बयानों का क्या तुक की समझोता एक्सप्रेस विष्फोट और मुंबई हमले मैं गहरा नाता हैं एषा लगता हैं की पाकिस्तान के पास बेब्फुकी बारे बहनों की कमी नही थी


तालिबान और अलकायदा आतंकी पाकिस्तान पर हावी हो चुके हैं लेकिन वह आँखें खोलने से इनकार कर रहा हैं जब भी उससे अपने यही पर रह रहे आतंकवादियों के खिलाफ कारवाही करने के लिए कहा जाता हैं वह ख़ुद को जिमेद्दर देश बताने की कोशिश करता हैं वह दुनिया जानती हैं की पकित्सन सरकार अपने एक बे हिस्से पर से नियंत्रण खो बेदी हैं और उसका ख़ुद अपनी सेना और खुफिया एजेंसी पर वश नही हैं लेकिन बाबजूद इसके यह रत जरी हैं की हम तो निर्वाचित और जिमेद्दार शाशन हैं अंतराष्टीय समुदाय जितनी जल्दी यह समझ लेगा तो बेहतर हैं की पकित्सन की मौजूदा सरकार आतंकवाद से लड़ने मैं न तो सचम हैं


और न ही उसका एषा कोई इरादा हैं चुकी विश्व के प्रमुख देश पाकिस्तान की पैंतरेबाजी को नही समझ प् रहे हैं इसलिए ये भारत जिमेदारी बनती हैं की वह उन्हे अपने इश पडोशी देश की वास्तुस्थति और उसके शाशको की आस्थिर मानसिकता से अवगत कराए यह ठीक नही की अमेरिका पाकिस्तान मैं सक्रिय आतंकवादियों मैं भेद करने की नीति पर चल रहा हिं यदि अम्रेरिका नीति -नियंता यह मानकर चलते रहे की खतरा केवल तालिवान से हैं तो फ़िर भारतीय हितों की रक्षा नही होने वाली / बेहतर हो की भारत अमेरिका को दो टूक ढंग से यह बताये की पकिस्तान के लिए उसकी नीति दोष्पूरण हैं और उसके कारन ही परेसनिया बढती जारही हैं \



अंतराष्टीय समुदाय अभी भी पाकिस्तान के प्रति नरमी का परिचय दे रहा हैं विश्व समुदाय और विशेष रूप से अमेरिका उसे जब -तब आतंकवाद से पीड़ित राष्ट्र के रूप मैं देखने लगता हैं इसमें संदेह नही हैं की पकिस्तान ख़ुद भी आंतंकवाद से ग्रस्त हैं \